रांची: केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत इस बार देश के शहरों की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार पर की जाएगी. इसमें 1500 अंक सिर्फ “विजिबल क्लीनलीनेस” यानी शहर की दिखने वाली साफ-सफाई के लिए तय किए गए हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम ने अपनी तैयारी तेज कर दी है.

सफाई कार्यों की समीक्षा की गई
24 फरवरी 2026 को प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक हुई. बैठक में शहर में चल रहे सफाई कार्यों की समीक्षा की गई. प्रशासक ने कहा कि अगर सड़कें, पार्क, बाजार और पर्यटन स्थल साफ दिखेंगे, तो रांची को राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी रैंक मिल सकती है.
तीन शिफ्ट में कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने का आदेश
उन्होंने निर्देश दिया कि रिहायशी इलाकों, पार्क, गार्डन और बाजारों में रोज दो बार झाड़ू लगाई जाए. मुख्य सड़कों के साथ-साथ गली-मोहल्लों की भी अच्छी तरह सफाई हो. दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बाहर दो-दो डस्टबिन रखना अनिवार्य किया जाए. कमर्शियल इलाकों में तीन शिफ्ट में कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने को कहा गया है. पूरे शहर में नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
रांची को देश के टॉप शहरों में शामिल कराने में भागीदारी निभाएं
अधिकारियों को रोज रिपोर्ट देने और फील्ड में जाकर जांच करने का निर्देश दिया गया है. रेड और येलो स्पॉट चिन्हित कर वहां विशेष सफाई और गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. निगम ने शहरवासियों से अपील की है, कि वे भी सफाई में सहयोग करें, कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और रांची को देश के टॉप शहरों में शामिल कराने में भागीदारी निभाएं.

