
News Desk: आज के दौर में दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि किशोर भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ता तनाव कम उम्र में ही आर्टरी ब्लॉकेज और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा रहे है. यह स्थिति न सिर्फ किशोरों के वर्तमान स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है. इस विषय पर पेश है खास रिपोर्ट—आइए जानते हैं विस्तार से.
क्यों बढ़ रहा है किशोरों में हार्ट रिस्क?
किशोरावस्था में शरीर और मेटाबॉलिज्म तेजी से विकसित होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली इस प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है. फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय और अधिक तेल-मसाले वाला भोजन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर धमनियों में फैट जमा करता है.
इसके साथ ही लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर पर समय बिताना, पर्याप्त नींद की कमी, बढ़ता मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधियों का अभाव दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं. कम उम्र में धूम्रपान या शराब जैसी आदतें जुड़ जाएं, तो जोखिम और अधिक गंभीर हो जाता है.
किशोरों में ब्लॉक्ड आर्टरीज के सामान्य संकेत
- हल्की-फुल्की गतिविधि में भी जल्दी थकावट महसूस होना.
- सीढ़ियां चढ़ते या तेज चलने पर सांस फूलना.
- छाती में बीच-बीच में दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना.
- दिल की धड़कन का असामान्य रूप से तेज होना.
- चक्कर आना या दिमाग तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने जैसा महसूस होना.
- शरीर के कुछ हिस्सों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना.
- ये सभी लक्षण ब्लड फ्लो में रुकावट या खराब सर्कुलेशन की ओर इशारा कर सकते हैं.
- कई मामलों में यह हाई ब्लड प्रेशर या दिल से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी संबंधित हो सकते हैं.
हार्ट अटैक के खतरे को कैसे करें कम
- अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और नट्स शामिल करें, जबकि जंक फूड और मीठे पेय से दूरी बनाएं.
- रोजाना कम से कम 30–45 मिनट वॉक, योग, खेलकूद या साइक्लिंग जैसी गतिविधियां अपनाएं.
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, संगीत या अपने पसंदीदा शौक अपनाएं.
- स्क्रीन टाइम सीमित रखें और ज्यादा समय आउटडोर एक्टिविटीज में बिताने की कोशिश करें.
- संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज के जरिए वजन को कंट्रोल में रखें.
- धूम्रपान, शराब और नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाएं.
- समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें.
- रोजाना 7–8 घंटे की पर्याप्त और अच्छी नींद लें, जिससे दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहें.
