पलामू में ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ का शुभारंभ, प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य

पलामू: नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत निर्धारित प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने...

पलामू: नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत निर्धारित प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पलामू जिले में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ किया गया. टाउन हॉल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त समीरा एस, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम, योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा तथा विभिन्न विधायकों के प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से किया.

सभी के सहयोग से ही सफल होगा अभियान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त समीरा एस ने कहा कि जिले के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत निर्धारित प्रमुख संकेतकों को शत-प्रतिशत संतृप्ति के साथ प्राप्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा और जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा.

इन पांच प्रमुख संकेतकों पर रहेगा विशेष फोकस

उपायुक्त ने बताया कि अभियान के तहत पांच प्रमुख संकेतकों पर विशेष प्राथमिकता के साथ काम किया जाएगा. इसके तहत जिले में जन्म लेने वाले सभी नवजात शिशुओं का जन्म के समय वजन लेना अनिवार्य होगा, ताकि उनके स्वास्थ्य की सही निगरानी की जा सके. इसके साथ ही क्षय रोग के मामलों की सूचना सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा समय पर दर्ज की जाएगी, ताकि अनुमानित मामलों के अनुरूप शत-प्रतिशत केस नोटिफिकेशन सुनिश्चित किया जा सके.

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स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने कम से कम एक ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा जिले के सभी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए कार्यशील शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्राओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके. पशुपालन विभाग के माध्यम से पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके.

आंकड़ों में भिन्नता से बचने की अपील

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि बैठकों के दौरान कई बार आंकड़ों में भिन्नता देखने को मिलती है, जिससे बचना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि संतृप्ति आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण है.

जनवरी से अप्रैल तक चलेगा अभियान

इससे पहले अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने संपूर्णता अभियान 2.0 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य नीति आयोग द्वारा निर्धारित प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करना है. उन्होंने बताया कि यह अभियान 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा, ताकि आकांक्षी जिला और आकांक्षी प्रखंड के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और पशुओं के टीकाकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ लोगों तक पूरी तरह पहुंचाया जा सके.

कार्यक्रम में अधिकारियों की भागीदारी

कार्यक्रम में सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं और कार्यों की जानकारी साझा की. इसके बाद टाउन हॉल में उपस्थित लोगों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया. इस अवसर पर विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं भी मौजूद रहीं.

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