सरायकेला: दलमा क्षेत्र में प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना के विरोध में आज एक महा जन सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में दलमा क्षेत्र की ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और अपनी आवाज उठाई.

सम्मेलन में कहा गया कि दलमा केवल पहाड़ नहीं है, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, परंपरा और अस्तित्व का प्रतीक है. वर्तमान में प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना से दलमा क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना, वन्य जीवन, पर्यावरण संतुलन तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है.
ग्राम सभा की प्राथमिकता को किया जा रहा नजरअंदाज
राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन ग्राम सभा की प्राथमिकता को नजरअंदाज किया जा रहा है. लोगों ने मांग की, कि ग्राम सभा की प्राथमिकता को सुना जाए और ईको टूरिज्म के नाम पर हो रहे विकास को रोका जाए.
सुखलाल पहाड़िया ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य दलमा क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा हेतु व्यापक जनमत तैयार करना तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना है. दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच (कोल्हान प्रमंडल) और आदिवासी समन्वय समिति चांडिल अनुमंडल, झारखंड ग्राम सभा सुरक्षा झारखंड प्रद ने इस सम्मेलन का आयोजन किया.

