आत्मनिर्भरता : पीएम मोदी ने साणंद में केन्स सेमीकॉन प्लांट का किया उद्घाटन, कहा- ‘भारत तेजी से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ रहा आगे’

PM Modi’s Gujarat visit: गुजरात के साणंद में पीएम मोदी ने केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया. यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत...

PM Modi’s Gujarat visit: गुजरात के साणंद में पीएम मोदी ने केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया. यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह देश का दूसरा ऐसा प्लांट है. उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने प्लांट का जायजा लिया. साथ ही उन्होंने ऑपरेटर्स और इंजीनियरों से बातचीत की. मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पिछले महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में था और इस महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में हूं. यह केवल संयोग नहीं है बल्कि यह संकेत देता है कि भारत कितनी तेज गति से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आगे बढ़े रहा है.

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‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का संदेश वैश्विक स्तर पर गूंजेगा

पीएम मोदी ने कहा कि साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच एक नया सेतु स्थापित हुआ है. उन्होंने बताया कि यहां निर्मित उत्पादों का बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए पहले ही बुक हो चुका है, जिससे मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड का संदेश वैश्विक स्तर पर गूंजेगा. पीएम मोदी ने कहा कि केन्स जैसी भारतीय कंपनी अब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बन चुकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में कई भारतीय कंपनियां दुनिया को एक भरोसेमंद और मजबूत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन उपलब्ध कराएंगी. उन्होंने कहा कि इस प्लांट में उत्पादन शुरू होने के साथ ही भारत ने खुद को एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है.

देश के 6 राज्यों में 10 बड़े प्रोजेक्ट पर काम : मोदी

नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दशक में महामारी, संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन बाधाओं ने दुनिया को प्रभावित किया है, खासकर चिप्स, रेयर अर्थ मिनरल्स और ऊर्जा क्षेत्र में. ऐसे समय में भारत जैसे लोकतांत्रिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना वैश्विक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन केवल औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि देश के आत्मविश्वास का प्रतीक है. इस मिशन के तहत देश के छह राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है.

भारत का सेनीकंडक्टर बाजार 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है

पीएम मोदी ने कहा कि उद्योग के अनुमानों के अनुसार भारत का सेमीकंडक्टर बाजार इस समय करीब 50 अरब डॉलर (लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये) का है, जो इस दशक के अंत तक बढ़कर 100 अरब डॉलर (करीब नौ लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है. यह वृद्धि इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाती है. उन्होंने बताया कि 2021 में शुरू किया गया इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन केवल एक औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि देश के आत्मविश्वास का प्रतीक है. भारत अब इस क्षेत्र में मिशन मोड में तेजी से काम कर रहा है और तकनीकी क्षेत्र में उठाए जा रहे कदम आने वाले दशकों में देश की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेंगे.

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सेमीकंडक्टर प्लांट की खासियत

• इस प्लांट में करीब 3,300 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है. यह प्लांट OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) पर केंद्रित है, जहां चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग जैसे अहम कार्य किए जाते हैं.
• इस प्लांट में एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (IPMs) का निर्माण होगा, जिनका उपयोग ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उपकरणों में किया जाता है.
• हर मॉड्यूल में 17 चिप्स होंगे, जिन्हें कैलिफोर्निया स्थित अल्फा और ओमेगा सेमीकंडक्टर को सप्लाई किया जाएगा.
• सभी चरण पूरे होने के बाद प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगी.
• यह माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद देश की दूसरी सेमीकंडक्टर यूनिट है, जिसने उत्पादन शुरू किया है.

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