Simdega: कांग्रेस पार्टी से निलंबित किए गए आकाश सिंह, नमिता बा, पतरस एक्का और शिशिर मिंज ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. नेताओं ने निष्कासन की प्रक्रिया को गलत बताते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई करार दिया. आकाश सिंह ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी को मजबूत करने के लिए मेहनत की है और पार्टी उनके लिए मां के समान रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनाव में हुई हार का ठीकरा कुछ चुनिंदा लोगों पर मढ़ दिया गया, जबकि असली कारणों की अनदेखी की गई.

हार की जिम्मेदारी लें विधायक भूषण बाड़ा : आकाश सिंह
आकाश सिंह ने कहा कि विधायक भूषण बाड़ा खुद जिलाध्यक्ष भी हैं और उनकी पत्नी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं, ऐसे में नैतिकता के आधार पर इसकी जिम्मेवारी दोनों को लेते हुए जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी अब कुछ लोगों के परिवार तक सीमित होकर रह गई है. आकाश सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने ओलिवर लकड़ा के समर्थन में नामांकन फार्म भरा था, लेकिन सेराफिनुस कुल्लू पार्टी का सदस्य नहीं था. ऐसे में उसका समर्थन करना संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि उनकी विचारधारा आज भी कांग्रेसी है.
पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा : नमिता बा
वहीं नमिता बा ने कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान कोई भी पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं की. वे केवल वार्ड तक सीमित रहीं और पार्टी समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में काम किया. उन्होंने कहा कि वे हमेशा पार्टी के लिए सक्रिय रही हैं और हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. नमिता बा ने मांग की, कि प्रदेश कांग्रेस समिति इस पूरे मामले की आंतरिक जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करे. चारों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सिर्फ एक व्यक्ति के कारण इस तरह का फैसला लेना उचित नहीं है और इससे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया.
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