रांची: झारखंड की राजधानी रांची और पड़ोसी नगर पंचायत बुंडू में सोमवार को नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के लिए मतदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. शाम 5 बजे जैसे ही मतदान केंद्रों के किवाड़ बंद हुए, सैकड़ों प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में सील हो गई. अब गलियों और चौराहों पर केवल एक ही सवाल तैर रहा है, कि “अगला मेयर और पार्षद कौन?”

वोटिंग मीटर: बुंडू ने मारी बाजी, रांची रहा पीछे
इस चुनाव में बुंडू के मतदाताओं ने लोकतंत्र के उत्सव में रांची को बड़े अंतर से पछाड़ दिया है. जहां बुंडू में बूथों पर लंबी कतारें दिखीं, वहीं रांची में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही.
मतदान का प्रतिशत: रांची नगर निगम: 43.35% (शहरी क्षेत्रों में मतदान धीमा रहा).
बुंडू नगर पंचायत: 74.10% (ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं में भारी उत्साह).
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
बुंडू का ‘जोश’: 74.10% मतदान यह साफ इशारा कर रहा है, कि जनता बदलाव या फिर वर्तमान सरकार के काम पर मुहर लगाने के लिए बेहद जागरूक थी. ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक रही.
रांची की ‘खामोशी’: राजधानी में 43.35% वोटिंग ने एक बार फिर शहरी उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, पॉश इलाकों के मुकाबले बस्तियों और पुराने रांची में अच्छी वोटिंग की खबर है, जो चुनावी नतीजों को किसी भी करवट मोड़ सकती है.
शांतिपूर्ण रहा मतदान, अब ‘गणित’ का दौर
प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. मतदान खत्म होते ही अब ‘हार-जीत का गुणा-गणित’ शुरू हो गया है.
प्रत्याशी और उनके समर्थक अब बूथवार वोटों का मिलान करने में जुट गए हैं.
चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया के वॉट्सऐप ग्रुप्स तक, दावों और वादों की बौछार हो रही है.
जनता ने अपना फैसला सुरक्षित कर दिया है. अब सभी की निगाहें मतगणना (Counting) वाले दिन पर टिकी हैं, जब ईवीएम खुलेगी और रांची-बुंडू की नई सरकार का चेहरा साफ होगा.
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