रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के सातवें दिन OBC विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के मामले में जयराम महतो और चमरा लिंडा आमने-सामने हो गए. जयराम महतो ने कहा कि अगर केंद्र राशि नहीं देगा तो क्या छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया जाएगा. अगर ऐसा है तो विद्यार्थियों को ब्याज रहित ऋण दे दिया जाए. जब केंद्र पैसा देगा तो उससे काट लिया जाए. अगर ऐसा भी नहीं हुआ तो विधायक निधि के पांच करोड़ रुपये नहीं दें. या मेरा आवास नीलाम कर दें.

मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि कक्षा एक से लेकर 8वीं तक के बच्चों की छात्रवृत्ति में कोई समस्या नहीं है. उन्हें समय पर भुगतान किया जा रहा है. असली चुनौती मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक (उच्च शिक्षा) के छात्रों के साथ है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि जारी नहीं करती, तब तक राज्य सरकार अपने स्तर से भुगतान करने में असमर्थ है.
वित्तीय आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वर्ष 2023-24 में 67.88 करोड़ रुपये के एवज में 7.35 करोड़ रुपये मिले. 2024-25 में 66.14 करोड़ रुपये के एवज में 12 करोड़ रुपये मिले। 2025-26 में 45.91 करोड़ रुपये के बदले 3.95 करोड़ रुपये ही मिले. वहीं पोस्ट-मैट्रिक में 2023-24 में 271 करोड़ रुपये के बदले 77 करोड़ रुपये मिले. 2024-25 में 353 करोड़ रुपये के बदले 33 करोड़ रुपये मिले और 2025-26 में 370 करोड़ रुपये के बदले एक भी राशि नहीं मिली. 275 करोड़ रुपये राज्य सरकार पोस्ट-मैट्रिक के लिए दे रही है. अगर केंद्र राशि नहीं देगा तो राज्य अपने बजट से भुगतान करेगा. वित्त विभाग को नियमों के शिथिलीकरण के लिए पत्र लिखा गया है.
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सिकिदिरी हाइडल पर तीखी बहस
सदन में सवाल पूछते हुए राज सिन्हा ने कहा कि राज्य के खजाने से 134 करोड़ रुपये की राशि का गबन हो गया. सिकिदिरी हाइडल के मरम्मत का प्राक्कलन 4.80 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 20.80 करोड़ रुपये कर दिया गया. लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि 4.80 करोड़ को 20.80 करोड़ करने की जांच की गई है. तत्कालीन वित्त सचिव की अध्यक्षता में बनी त्रिस्तरीय कमेटी के प्रतिवेदन के आलोक में चार अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है. दो पर कार्रवाई चल रही है. सीबीआई कोर्ट में भी सात पदाधिकारियों के खिलाफ मामला सब-ज्यूडिस है. अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 17 मार्च को है.
ट्राइबल सब प्लान की राशि की मॉनिटरिंग
राजेश कच्छप ने ट्राइबल सब प्लान की राशि की उपयोगिता का मामला सदन में उठाया. इस पर मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग के लिए कोई अलग एक्ट नहीं है. आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में इस संबंध में एक्ट बना है. मंत्री ने स्वीकार किया कि झारखंड में भी एक्ट बनाना होगा, क्योंकि राशि का विचलन होता है. हर विभाग को पत्र लिखकर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी.
बीज ग्राम से होगा बीजों का क्रय
अमित यादव के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों में झारखंड राज्य कृषि विकास निगम बीज ग्रामों से बीजों का क्रय करेगा. लेकिन बीज ग्रामों को निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा. सुदीप गुड़िया ने तोरपा में कृषि मंडी की मांग की. कृषि मंत्री ने कहा कि खूंटी में कृषि मंडी है. यदि प्रस्ताव दिया जाए तो सरकार पहल करेगी.
रामचंद्र सिंह ने विद्युतीकरण में अनियमितता का मुद्दा उठाया. इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि समय-समय पर इसकी निगरानी होती है और मामले की जांच की जाएगी.

