रांची. रांची नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में 16 फरवरी 2026 को अपर प्रशासक संजय कुमार की अध्यक्षता में रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रमुख मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए गए. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल निगम के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही रांची को बेहतर रैंकिंग मिल सकती है.

कूड़ा पृथक्करण अनिवार्य, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देने पर विशेष जोर दिया गया. अपर प्रशासक ने कहा कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे आदत में शामिल करना होगा. बताया गया कि घर-घर से कूड़ा संग्रह कर उसे एमआरएफ सेंटर में वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित किया जा रहा है, जबकि गीला कचरा झिरी स्थित 150 टीपीडी क्षमता वाले बायोगैस प्लांट में भेजा जाता है, जहां से ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है.
निगम ने निर्देश दिया कि सभी घरों और प्रतिष्ठानों में दो अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य है और मिक्स कचरा स्वीकार नहीं किया जाएगा. कूड़ा केवल निगम के वाहन को ही दें, सार्वजनिक स्थानों पर डंपिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है. सॉलिड वेस्ट यूजर चार्ज समय पर जमा करना होगा, जिसका भुगतान जन सुविधा केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है. सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने परिसर में कंपोस्ट मशीन लगाने और आसपास के लोगों को कूड़ा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं.

