रांची: लातेहार जिला के तत्कालीन कंपनी कमांडर प्रकाश रंजन द्वारा किए गए भ्रष्टाचार, गड़बड़ी एवं नियमविरुद्ध कार्यों की शिकायत पर अब विभाग ने जांच शुरू कर दी है. इस मामले की जांच के लिए होमगार्ड मुख्यालय द्वारा चार बार विशेष जांच दल का गठन किया गया है.
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
प्रारंभिक जांच पूर्ण होने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोप सत्य पाए गए और जांच में तत्कालीन कंपनी कमांडर प्रकाश रंजन दोषी प्रतीत होते दिख रहे हैं. इसके बाद विभाग द्वारा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा होमगार्ड मुख्यालय द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई है.
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जांच के दौरान मिला प्रमोशन
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिस समय उनके विरुद्ध शिकायत की गई थी उस समय प्रकाश रंजन कंपनी कमांडर के पद पर पदस्थापित थे लेकिन गंभीर आरोपों कि जांच के दौरान ही विभाग द्वारा उन्हें कंपनी कमांडर से निरीक्षक पद पर प्रोन्नत कर दिया गया था. इसके बाव भी शिकायतकर्ता राजीव कुमार तिवारी ने हार नहीं मानी और अपने द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराने के लिए लगातार प्रयास करते रहे. शुरुआत में तीन बार गठित विशेष जांच दलों की जांच विभिन्न कारणों से अधूरी रह गई.
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शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने की कोशिश
लेकिन शिकायतकर्ता के लगातार प्रयास और संघर्ष के बाद अंततः जांच पूरी कराई जा सकी. होम गार्ड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने वाले शिकायतकर्ता राजीव कुमार तिवारी की शिकायत के बाद प्रकाश रंजन द्वारा शिकायतकर्ता के विरुद्ध मनगढ़ंत एवं झूठा आरोप लगाते हुए प्राथमिकी तक दर्ज करवा दी गई जिससे शिकायतकर्ता को मानसिक रूप से परेशान किया जा सके और मामले को दबाया जा सके लेकिन उन्होंने अपनी शिकायत वापस नहीं ली.
