रांचीः झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया गया है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में यह बजट प्रस्तुत किया, जिसमें ग्रामीण आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है. बता दें कि अनुपूरक बजट आमतौर पर तब लाया जाता है, जब चालू वित्तीय वर्ष के दौरान मूल बजट में किए गए प्रावधान अपर्याप्त साबित होते हैं या नई योजनाएं, अप्रत्याशित खर्च और विभागीय आवश्यकताएं सामने आती हैं.

किस विभाग के लिए कितने का प्रावधान
• ग्रामीण कार्य विभाग: 1717.58 करोड़ रुपये आवंटित, जिससे ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्यों को गति मिलेगी.
• महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग: 779 करोड़ रुपये का प्रावधान, जो महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को मजबूती देगा.
• पंचायती राज विभाग: 657.56 करोड़ रुपये आवंटित.
• ग्रामीण विकास विभाग: 594.88 करोड़ रुपये आवंटित.
• ऊर्जा विभाग: 281.28 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
• स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग: 323.94 करोड़ रुपये की मांग की गई है.
• गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग: 407.21 करोड़ रुपये का प्रावधान.
• ब्याज भुगतान: 153.61 करोड़ रुपये की आवश्यकता.
• ऋण की वापसी/अदायगी: 92.21 करोड़ रुपये की आवश्यकता.
• पेंशन मद: 232.36 करोड़ रुपये की आवश्यकता.
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