हजारीबाग : चौपारण प्रखंड के मध्य विद्यालय झापा की स्थिति शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही को उजागर कर रही है. विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 170 बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्कूल की चारदीवारी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और कई जगहों पर गिरकर जमींदोज हो गई है. इसके कारण विद्यालय परिसर पूरी तरह खुला पड़ा है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. चारदीवारी बनने के बाद से अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिसके कारण दीवार धीरे-धीरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

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शौचालय में ताला, बच्चों को जाना पड़ता है तालाब
विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था होने के बावजूद उस पर ताला लगा रहता है. इसके कारण बच्चे शौच के लिए स्कूल से करीब 200 मीटर दूर स्थित तालाब की ओर जाने को मजबूर हैं. यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है. बताया जाता है कि विद्यालय के रख-रखाव के लिए हर साल 25 से 75 हजार रुपये तक की राशि दी जाती है. पिछले वर्ष भी स्कूल को 50 हजार रुपये मिले थे, लेकिन परिसर की हालत देखकर लगता है कि लंबे समय से मरम्मत का काम नहीं हुआ है. ग्रामीण सह वार्ड सदस्य संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजेश साव ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर जल्द चारदीवारी की मरम्मत कराने की मांग की है.
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प्रधानाध्यापक ने दी सफाई, जांच की बात
मामले में प्रधानाध्यापक मो. शोएब अकरम ने बताया कि उस समय वे नमाज पढ़ने गए थे और शौचालय की चाबी कार्यालय में रखी हुई थी. उन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल पांच शिक्षक कार्यरत हैं, हालांकि उनकी अनुपस्थिति में किसे प्रभारी बनाया गया था, इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके. वहीं बीईईओ राकेश कुमार ने कहा कि विद्यालय का निरीक्षण कर पूरे मामले की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

