Ranchi: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के पूर्व मुख्य अभियंता विशाल आनंद के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है. जांच में यह बात सामने आई है कि आनंद ने मात्र तीन साल के भीतर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से 54 लाख 18 हजार 151 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है. सीबीआई सूत्रों के अनुसार, यदि विशाल आनंद इस अतिरिक्त संपत्ति का कोई वैध और ठोस विवरण पेश नहीं कर पाते हैं, तो एजेंसी इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी.

रांची में मिला संपत्तियों का ब्यौरा
जांच के दौरान सीबीआई को रांची के पॉश इलाकों में विशाल आनंद की कई अचल संपत्तियों का पता चला है. जिनमें अशोक नगर के रोड नंबर एक, पार्क रोड-3 स्थित प्लाट नंबर 59डी को करीब 70 लाख रुपये में खरीदा गया था. इसके अलावा हिनू के शुक्ला कॉलोनी स्थित ग्रीन फील्ड पिंकल अपार्टमेंट के चौथे तल्ले पर फ्लैट नंबर 401 विशाल आनंद के नाम पर है, जिसे वर्तमान में किराए पर दिया गया है.
एक साल में दर्ज हुईं दो प्राथमिकी
विशाल आनंद के खिलाफ सीबीआई ने एक साल के भीतर दो अलग-अलग गंभीर मामले दर्ज किए हैं. पहला 25 अप्रैल 2025 को सीबीआई ने विशाल आनंद को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया था. इसी मामले में उनके भाई कुणाल आनंद और पिता आनंद कुमार झा को रांची के हटिया स्थित आवास से झाझरिया निर्माण लिमिटेड के कर्मचारी मनोज पाठक से 32 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था. रिश्वत कांड की जांच के दौरान अवैध कमाई के सुराग मिलने पर सीबीआई की एंटी क्राइम थाना में 21 जनवरी 2026 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दूसरा मामला दर्ज किया गया. वर्तमान में सीबीआई विशाल आनंद और उनके परिजनों से संपत्ति के स्रोतों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है. बैंक खातों, निवेश के दस्तावेजों और प्रॉपर्टी के कागजातों का मिलान किया जा रहा है. पूछताछ आगे बढ़ने पर अवैध संपत्ति का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.

