बुंडू: सोनाहातू प्रखंड के जामुदाग पंचायत अंतर्गत ईड़कू गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने पूरी चयन प्रक्रिया को नियमों के खिलाफ बताते हुए “मनमानी” का आरोप लगाया है.
आमसभा में हुआ था चयन
ग्रामीणों के अनुसार 05 जून 2025 को आयोजित आमसभा में सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, ग्राम प्रधान, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. इस दौरान आभा कुमारी और किरण कुमारी ने दावेदारी पेश की.
दस्तावेज नहीं देने पर दावेदारी रद्द
आरोप है कि शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान किरण कुमारी मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं, जिसके बाद उनकी दावेदारी को मौके पर ही निरस्त कर दिया गया. इसके बाद सर्वसम्मति से आभा कुमारी का चयन कर लिया गया.
बाद में बदला गया फैसला
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिनों बाद सीडीपीओ द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए किरण कुमारी को सेविका पद पर चयनित कर दिया गया. इस फैसले के बाद गांव में नाराजगी बढ़ गई.
बीडीओ से लगाई न्याय की गुहार
चयनित घोषित आभा कुमारी ने 18 सितंबर 2025 को बीडीओ को आवेदन देकर न्याय की मांग की, लेकिन महीनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने 03 अक्टूबर 2025 को सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगी, पर अब तक सूचना नहीं मिलने का आरोप लगाया है.
पारदर्शिता की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ चयन का नहीं, बल्कि पारदर्शिता और अधिकारों का है. उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाए और पुनः आमसभा के माध्यम से चयन प्रक्रिया कराई जाए.
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे.
मौके पर मौजूद रहे लोग
इस दौरान आजसू प्रखंड अध्यक्ष सुषेण प्रमाणिक, पंचायत समिति सदस्य रूपकुमार साहू, सुखदेव महतो, गुराई महतो, हलधर महतो, सुबोध महतो, रत्न महतो, हरिश्चंद्र महतो समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे.
