न्यूज वेव डेस्क

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है. ब्राजील से कच्ची चीनी की आयातित खेप भारत पहुंचने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि कुछ खेप 15 अक्टूबर से पहले भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, इस तारीख तक कुल कितनी चीनी देश में आएगी, इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं है.
ब्राजील बना आयात का सबसे बड़ा विकल्प
सहकारी चीनी मिलों के राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश नाईकनावारे के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए ब्राजील से चीनी मंगाना सबसे व्यावहारिक विकल्प है. थाईलैंड भी पहले भारत को चीनी की आपूर्ति करता रहा है, लेकिन वहां फिलहाल घरेलू मांग के कारण उपलब्धता सीमित है.
सरकार की सख्ती से मिलों के भाव में गिरावट
चीनी की कीमतों में तेजी और जमाखोरी पर सरकार की निगरानी का असर बाजार में दिखाई देने लगा है. शनिवार को हुई खुली निविदाओं में मिलों से निकलने वाली चीनी के दाम करीब पांच रुपये प्रति किलो तक कम हुए हैं. इससे आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी कीमतों में नरमी की उम्मीद बढ़ी है.
भारत पहुंचने में लगते हैं 40 से 45 दिन
ब्राजील से भारत तक समुद्री रास्ते से चीनी पहुंचने में करीब 40 से 45 दिन का समय लगता है. बंदरगाह पहुंचने के बाद कच्ची चीनी को मिलों तक भेजकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है. यही वजह है कि 15 अक्टूबर तक देश में पहुंचने वाली कुल मात्रा का अभी सटीक आकलन करना मुश्किल है. फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि ब्राजील से आने वाली चीनी की खेप कितनी जल्दी भारतीय बाजार में पहुंचती है और इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर कितनी तेजी से दिखाई देता है.
ALSO READ: जापान में भूकंप: एक ही दिन में दो बार कांपी धरती, 6.0 रही तीव्रता, 40 लोग घायल

