रांची: झारखंड सरकार के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य हासिल करना बड़ी चुनौती बन गया है. राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से धान खरीद की शुरुआत की थी.

5 मार्च तक सरकार 30 लाख 12 हजार 555 क्विंटल धान की खरीद कर चुकी है. इस वर्ष कुल 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए अब तक 2 लाख 86 हजार 982 किसानों ने पंजीकरण कराया है.
अब शेष बचे करीब 25 दिनों में 30 लाख क्विंटल धान की खरीद करना सरकार के लिए कठिन चुनौती बन गया है.
किसानों को 563.97 करोड़ रुपये का भुगतान
राज्य सरकार ने धान खरीद के एवज में किसानों को अब तक कुल 563 करोड़ 97 लाख 66 हजार 815 रुपये का भुगतान किया है.
इसमें पहली किस्त के रूप में 546 करोड़ 07 लाख 81 हजार 321 रुपये शामिल हैं, जबकि 17 करोड़ 89 लाख 85 हजार 493 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए हैं.
2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद
इस वर्ष धान की खरीद 2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। पिछले वर्ष यह दर 2400 रुपये प्रति क्विंटल थी.
राज्यभर में धान खरीद के लिए 801 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों से धान की खरीद की जा रही है.
पिछले वर्षों में लक्ष्य हासिल करने में रही कठिनाई
पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार धान खरीद का लक्ष्य हासिल करने में सफल नहीं हो सकी है. लगातार दो वर्षों 2022-23 और 2023-24 में सूखे की स्थिति और किसानों की उदासीनता के कारण धान खरीद प्रभावित हुई थी.
पिछले वर्षों में धान खरीद की स्थिति
• वित्तीय वर्ष 2022-23: लक्ष्य 60 लाख क्विंटल, खरीद 17.16 लाख क्विंटल (29%)
• वित्तीय वर्ष 2023-24: लक्ष्य 60 लाख क्विंटल, खरीद 17.02 लाख क्विंटल (29%)
• वित्तीय वर्ष 2024-25: लक्ष्य 60 लाख क्विंटल, खरीद 40.8 लाख क्विंटल (67%)

