झारखंड: अब खुले में पेशाब करने पर लगेगी रोक, शहरों को मिलेगी वर्ल्ड-क्लास सैनिटेशन सुविधाएं, 165 करोड़ से अधिक की योजनाओं को मिली हरी झंडी

Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और सुलभ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं मुहैया कराने की...

jharkhand public toilet
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Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और सुलभ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कुल 165 करोड़ 9 लाख 57 हजार रुपये की राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है.  इस राशि से राज्यभर के शहरी स्थानीय निकायों  में अत्याधुनिक शौचालयों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जाल बिछाया जाएगा.

नागरिकों को मिलेंगी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं

भारत सरकार के शहरी कार्य मंत्रालय और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से स्वीकृत इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों को ओडीएफ प्लस, ओडीएफ प्लस और गार्बेज फ्री सिटी के मानकों के अनुरूप विकसित करना है. इससे न केवल खुले में शौच की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगेगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों की गरिमा और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 3,435 निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे, जिसमें कुल 7,331 शौचालय सीटें और 1,600 मूत्रालय सीटें बनाई जाएंगी.

  • व्यक्तिगत घरेलू शौचालय: कुल स्वीकृत संख्या: 2,899 यूनिट्स, कुल स्वीकृत राशि: 869.70 लाख (केन्द्रांश: 115.96 लाख, राज्यांश: 77.32 लाख, राज्य योजना मद: 676.42 लाख). उन परिवारों के लिए जो व्यक्तिगत स्तर पर स्वच्छता अपनाने के लिए पात्र हैं, जैसे आदित्यपुर, धनबाद, रांची, गिरिडीह, और सिमडेगा समेत कई नगर निकायों में इनका वितरण किया गया है.
  • सामुदायिक शौचालय: कुल स्वीकृत यूनिट्स: 110 (सीट क्षमता: 906, मूत्रालय सीटें: 306) कुल स्वीकृत राशि: 3,167.36 लाख (केन्द्रांश: 456.29 लाख, राज्यांश: 304.19 लाख, राज्य योजना मद: 2,406.87 लाख) घनी आबादी वाले मोहल्लों और बस्तियों में स्थानीय लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए रांची, आदित्यपुर, हरिहरगंज और कपाली जैसे निकायों में बड़े पैमाने पर सामुदायिक शौचालय बन रहे हैं. अकेले रांची नगर निगम क्षेत्र में 50 यूनिट्स स्वीकृत की गई हैं.
  • सार्वजनिक शौचालय: कुल स्वीकृत यूनिट्स: 327 (सीट क्षमता: 2,755, मूत्रालय सीटें:635) कुल स्वीकृत राशि: ₹9,551.03 लाख (केन्द्रांश: 1,316.52 लाख, राज्यांश: 877.68 लाख, राज्य योजना मद: 7,356.84 लाख), बाजारों, बस स्टैंडों और व्यावसायिक केंद्रों जैसी जगहों पर भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए धनबाद और रांची में सबसे ज्यादा सार्वजनिक शौचालय इकाइयां मंजूर हुई हैं.
  • आकांक्षी शौचालय: कुल स्वीकृत यूनिट्स: 99 (सीट क्षमता: 771, मूत्रालय सीटें: 132) कुल स्वीकृत राशि:2,753.24 लाख (केन्द्रांश: 565.61 लाख, राज्यांश: 377.07 लाख, राज्य योजना मद: 1,810.56 लाख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, प्रमुख झीलों, पार्कों और हाई-फुटफॉल वाले रणनीतिक स्थानों पर इन आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और आम नागरिकों को प्रीमियम सुविधाएं मिल सकें.
  • स्वतंत्र पेशाबघर: कुल स्वीकृत यूनिट्स: 527 सीटें, कुल स्वीकृत राशि: 168.64 लाख. खुले में मूत्रत्याग की समस्या से निपटने के लिए प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों और चौराहों पर इनकी स्थापना की जा रही है.

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