विनीत आभा उपाध्याय

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2024 परीक्षा में हुई कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले की परतें खोलने के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब सीधे परीक्षा का संचालन करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी बेवल और उससे जुड़े संदिग्ध नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है.
कोलकाता मुख्यालय से फैले नेटवर्क पर नजर
JSSC CGL 2024 परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ‘बेवल’ एजेंसी को सौंपी गई थी. हालांकि, शुरुआती जांच में ही एजेंसी के सुरक्षा इंतजामों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. CID सूत्रों के अनुसार, बिना एजेंसी के अंदरूनी सहयोग के इतना बड़ा पेपर लीक होना नामुमकिन था. जांच टीम अब कोलकाता स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय से लेकर झारखंड भर में बने परीक्षा केंद्रों तक फैले पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रही है.
मिथिलेश सिंह की भूमिका और वित्तीय साठगांठ की जांच
इस मामले में सबसे अहम मोड़ ‘बेवल’ कंपनी से जुड़े मिथिलेश सिंह का नाम सामने आने के बाद आया है. CID की जांच में मिथिलेश की भूमिका परीक्षा से ठीक पहले उत्तर कुंजी और प्रश्नपत्र बाहर भेजने में बेहद संदिग्ध पाई गई है. आशंका जताई जा रही हैं कि मिथिलेश ने परीक्षा माफिया और बिचौलियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह उत्तर कुंजी को अवैध रूप से लीक किया. जांच एजेंसी वर्तमान में मिथिलेश सिंह के संभावित ठिकानों, बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन और डिजिटल फुटप्रिंट्स (फोन कॉल्स व मैसेज) की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके.
आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई के संकेत
लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस रैकेट के खिलाफ CID कड़ा रुख अपनाए हुए है. आने वाले दिनों में बेवल कंपनी के कोलकाता स्थित मुख्यालय पर छापेमारी और इस गिरोह से जुड़े कई अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना है.
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