Hazaribagh : शहर का बस स्टैंड प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है. यहां से लोग जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों के लिए बस पकड़ते हैं. इसके बावजूद बस स्टैंड परिसर में सफाई व्यवस्था की स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. परिसर के कई हिस्सों में गंदगी और कचरा नजर आता है. इससे यात्रियों को असुविधा के साथ-साथ संक्रमण और दुर्गंध की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है.

जहां यात्रियों की भीड़, वहीं सफाई व्यवस्था कमजोर
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त रहना जरूरी है. लेकिन यहां की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी नहीं हो रही है. यात्रियों को बस के इंतजार के दौरान गंदगी के बीच समय बिताना पड़ता है. शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम की है. ऐसे में बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है. यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों की सफाई केवल अभियान या विशेष अवसरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नियमित व्यवस्था के तहत होनी चाहिए.
चुनाव के समय दिखता है सफाई का जुनून
शहरवासियों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे करते हैं. उस दौरान सफाई और जनसमस्याएं प्रमुख मुद्दा बनती हैं. लेकिन चुनाव बीतने के बाद आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता. बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों की मांग है कि यहां नियमित सफाई कराई जाए, कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था हो और कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए. यात्रियों का कहना है कि शहर की पहचान उसके प्रमुख सार्वजनिक स्थलों से होती है. इसलिए बस स्टैंड को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना नगर निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए.
जवाबदेही तय करने की जरूरत
शहरवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और नगर निगम को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए. बस स्टैंड की सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी, जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था जरूरी है. सवाल यही है कि जब प्रतिदिन हजारों यात्री इस बस स्टैंड से गुजरते हैं, तो फिर इसकी सफाई व्यवस्था पर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं पड़ती? शहर को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई की जरूरत है.
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