9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन, भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एआई और तकनीक का सहारा: गृह मंत्री अमित शाह

News Wave Desk: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सुरक्षा खतरों का इंतजार करने के बजाय उन्हें...

9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन

News Wave Desk: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सुरक्षा खतरों का इंतजार करने के बजाय उन्हें समय से पहले भांपने और रोकने की दिशा में काम करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एकीकृत डेटाबेस और इंटेलिजेंस एनालिसिस का इस्तेमाल कर भावी खतरों की पहले ही पहचान की जानी चाहिए. नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य के लिए आंतरिक सुरक्षा का मजबूत होना बेहद अनिवार्य है.

सम्मेलन के प्रमुख बिंदु और रणनीति:

– सुरक्षा तंत्र को अगले 15 से 20 वर्षों के ट्रेंड्स का अध्ययन कर यह तय करना होगा कि आने वाले समय में कौन सी चुनौतियां सामने आ सकती हैं और उन्हें कैसे विफल किया जाए.

– सीसीटीएनएस, आईसीजेएस, नेटग्रिड और NAFIS जैसे डेटाबेस को मिलाकर तैयार किए गए ‘एकीकृत डेटा बैंक’ का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने युवा पुलिस अधिकारियों से एआई के जरिए अपराध के पैटर्न को समझने और खुफिया जानकारी विकसित करने का आग्रह किया.

– तीन नए आपराधिक कानूनों के 100% कार्यान्वयन के लिए एक साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुप्रीम कोर्ट तक मामलों का निपटारा तीन वर्षों के भीतर हो सके और सजा की दर में 25% की वृद्धि दर्ज की जाए.

9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन

आतंकवाद और भगोड़ों पर प्रहार: आतंकवाद के खिलाफ प्रहार:

– रणनीति को दैनिक पुलिसिंग का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया गया ताकि आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके. इसके अलावा, भगोड़ों को वापस लाने और यूएपीए के तहत मामलों की तेज जांच पर जोर दिया गया.

– सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ रोकने के लिए चार-स्तरीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया. गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठ केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी को भी प्रभावित करती है.

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नशीले पदार्थों के खिलाफ तीन ‘D’ की रणनीति:

ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने के लिए राज्यों को ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ लागू करने और Detect, Disrupt and Destroy (पहचानें, बाधित करें और नष्ट करें) का रुख अपनाने का निर्देश दिया गया.
इस सम्मेलन में साइबर अपराध, पाकिस्तान के प्रोक्सी वॉर, ड्रोन/सब-एरियल सिस्टम, सूचना युद्ध बायो-सिक्योरिटी और ‘ब्लू इकॉनमी’ की सुरक्षा जैसे आधुनिक खतरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई. इसमें केंद्र, राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के 850 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया.

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