न्यूज वेव डेस्क

नेपाल के कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है. नेपाल से आने वाले पानी में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने गंडक नदी के आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. खासतौर पर नदी बेसिन में आने वाले जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
वाल्मीकिनगर बराज से छोड़ा जा रहा पानी
जलप्रवाह में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक बुधवार दोपहर तक बराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था. पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है.
नेपाल से आने वाले पानी पर नजर
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है. यहां चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान 9 मीटर है. अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने पर उसका असर करीब साढ़े तीन घंटे में गंडक बराज तक पहुंच सकता है.
24 घंटे निगरानी के निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. तटबंधों का लगातार निरीक्षण करने के साथ 24 घंटे निगरानी रखने को कहा गया है. तकनीकी टीम भी अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तैनात की गई है.
जिलों को पहले से किया गया अलर्ट
गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है. सरकार का फोकस फिलहाल पानी के बढ़ते दबाव पर लगातार निगरानी और संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर है.
मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया.
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