बाढ़ से नेपाल में तबाही: जलप्रलय में 500 लोगों के लापता होने की आशंका, 95 लोगों के मिले शव, पीएम मोदी ने मदद का दिया भरोसा

Devastation in Nepal due to floods: नेपाल में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई जिलों में...

Devastation in Nepal due to floods: 500 people feared missing in the deluge, 95 bodies recovered; PM Modi assures assistance.

Devastation in Nepal due to floods: नेपाल में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी. रासुवा जिले के रसुवागढ़ी-टिमुरे इलाके में करीब सुबह नौ बजे बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा. इसके बाद रासुवा के साथ नुवाकोट और धादिंग के कई इलाकों में भी इसका असर दिखा. करीब 500 लोग लापता हैं और कम से कम 95 लोगों के शव बरामद हुए हैं. कई सड़कें, पुल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाएं पानी में बह गईं. नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के अनुसार 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक हैं. विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई शामिल हैं. अमेरिका, मलयेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी सूची में हैं. कुछ लोगों की राष्ट्रीयता अभी स्पष्ट नहीं हुई है. बोर्ड ने कहा है कि यह शुरुआती सूची है और एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इसका सत्यापन किया जा रहा है. माना जा रहा इन आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है.

पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर बाढ़ में हुई मौतों पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता देने की बात कही. भारत ने राहत सामग्री नेपाल भेजना शुरू कर दिया है. इसमें दवाएं, राशन और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं. भारतीय वायुसेना के विमानों से यह मदद भेजी जा रही है. भारत सरकार नेपाल में बचाव और राहत अभियान के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के दल भेजने की भी तैयारी कर रही है.

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बाढ़ को लेकर भारत में भी बढ़ी चिंता, बिहार-यूपी में सतर्कता

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत तक पहुंचने की आशंका के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता बढ़ाई गई है. नेपाल की त्रिशूली नदी में पानी बढ़ने के बाद भारत ने संभावित बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की. आशंका है कि बाढ़ की लहर आगे चलकर गंडक नदी में पहुंच सकती है. बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को निगरानी बढ़ाने और जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं. गंडक बैराज के फाटकों को भी इस तरह संचालित करने की सलाह दी गई है कि पानी सुरक्षित तरीके से निकल सके.

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