रांची: पूर्व विधायक अंबा प्रसाद अब सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं. रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार और अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को वर्षों से टारगेट किया जा रहा है. विस्थापन के मुद्दे पर आवाज उठाने की वजह से उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया.

सरकार और पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप
अंबा प्रसाद ने कहा कि सरकार विस्थापितों के मुद्दे पर उदासीन है. एनटीपीसी, अडाणी और सीसीएल जैसी कंपनियों को संरक्षण दे रही है. पार्टी ने उनके पिता योगेंद्र साव को बिना किसी नोटिस या उचित प्रक्रिया के निष्कासित किया है.
अंबा प्रसाद ने कहा कि विस्थापितों को न्याय नहीं मिल रहा है और मुआवजा राशि कम है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार में पिछले 15 साल से कोई न कोई विधायक और मंत्री रहा है, इसके बावजूद उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है.
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विस्थापन की लड़ाई में खुद को बताया अकेला
अंबा प्रसाद ने कहा कि विस्थापन के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह उदासीन हैं. एनटीपीसी, अडाणी और सीसीएल जैसी कंपनियां पुलिस प्रशासन की मदद से विस्थापितों को परेशान कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापितों को न्याय नहीं मिल रहा है और एनटीपीसी ने अवैध तरीके से मुआवजा तय किया है.
पिता के निष्कासन और धमकी का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि उनके पिता योगेंद्र साव को बिना किसी नोटिस के पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. साथ ही उन्हें धमकी भी दी गई. अंबा प्रसाद ने कहा कि इस पूरे मामले से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा.

