Ranchi: झारखंड में सीपीआई(एम) के जन आक्रोश जत्थों ने जोरदार अभियान चलाते हुए करीब 10 लाख लोगों तक अपना संदेश पहुंचाया है. यह अभियान 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली बड़ी रैली की तैयारी के तहत चलाया जा रहा है.

वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में अभियान
पार्टी के इस अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ नेता बृन्दा करात, केंद्रीय कमिटी सदस्य सुदीप दत्ता और राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने किया. पूरे राज्य में दो प्रमुख केंद्रीय जत्थे निकाले गए, जिन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया और रैली में शामिल होने का आह्वान किया.
शिलागाई से शुरू हुआ पहला जत्था
पहला जत्था रांची जिले के शिलागाई स्थित शहीद स्थल से शुरू हुआ, जहां 1831-32 के कोल और लरका विद्रोह के महानायक बीर बुधु भगत को श्रद्धांजलि दी गई. यह जत्था रांची, लोहरदगा और गुमला के 23 प्रखंडों में 647 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 100 से अधिक सभाएं आयोजित कर चुका है.
सिदो-कान्हो स्थल से निकला दूसरा जत्था
वहीं दूसरा जत्था दुमका के सिदो-कान्हो स्मृति स्थल से निकला, जिसने दुमका और पाकुड़ जिले के कई गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया.
जनसुनवाई में उठे स्थानीय मुद्दे
अभियान के दौरान कोयला खनन से प्रभावित इलाकों में जनसुनवाई कर विस्थापन, प्रदूषण और पानी की समस्या जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.
बुंडू में हुआ अभियान का समापन
दोनों जत्थों का समापन बुंडू में एक विशाल जुलूस और जनसभा के साथ हुआ. इस जनसभा में बृन्दा करात समेत कई नेताओं ने लोगों को संबोधित करते हुए दिल्ली रैली में अपनी मांगों को मजबूती से उठाने की बात कही.
जिला स्तर पर भी जारी रहा अभियान
जहां केंद्रीय जत्थे नहीं पहुंचे, वहां जिला स्तर पर भी अभियान चलाया गया. धनबाद, बोकारो, साहेबगंज, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम और जामताड़ा समेत कई जिलों में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
पोस्टर और पर्चों के जरिए व्यापक प्रचार
इस अभियान के तहत राज्य भर में पोस्टर, स्टीकर, बैज और करीब डेढ़ लाख से ज्यादा पर्चे बांटे गए. खास बात यह रही कि रमजान, ईद, सरहुल, नवरात्र और छठ जैसे बड़े त्योहारों के बीच भी यह अभियान पूरी मजबूती से जारी रहा.
दिल्ली रैली में बड़ी भागीदारी की उम्मीद
पार्टी को उम्मीद है कि झारखंड से 2000 से अधिक किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा 24 मार्च को दिल्ली की रैली में शामिल होंगे, जिससे उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद हो सके.

