रांची: झारखंड में सचिवालय सेवा का कैडर मैनेजमेंट चरमराया हुआ है. इस कारण महत्वपूर्ण फाइलों के निपटारे में देरी हो रही है. पदाधिकारियों की कमी के कारण नीतिगत मामले और डेवलपमेंट के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं.

अवर सचिव के 208 पद खाली
सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अवर सचिव के 328 पद स्वीकृत हैं. इसके विरुद्ध 120 अवर सचिव ही कार्यरत हैं. इस हिसाब से अवर सचिव के 208 पद रिक्त हैं.
सहायक प्रशाखा पदाधिकारी की भारी कमी
राज्य में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 413 पद रिक्त हैं. सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के कुल 1313 पद स्वीकृत हैं, जिसके विरुद्ध 900 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी ही कार्यरत हैं.
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डिप्टी सेक्रेट्री के भी खाली पद
वहीं डिप्टी सेक्रेट्री के आठ पद रिक्त हैं. राज्य में सचिवालय सेवा में डिप्टी सेक्रेट्री के 54 पद स्वीकृत हैं, जिसके विरुद्ध 46 डिप्टी सेक्रेट्री ही कार्यरत हैं.
ज्वाइंट सेक्रेट्री और सेक्शन ऑफिसर पद भी प्रभावित
सचिवालय सेवा में ज्वाइंट सेक्रेट्री के छह पद रिक्त हैं. राज्य में ज्वाइंट सेक्रेट्री के 23 पद स्वीकृत हैं, जिसके विरुद्ध 17 ज्वाइंट सेक्रेट्री कार्यरत हैं. वहीं सेक्शन ऑफिसर के 17 पद रिक्त हैं. राज्य में सेक्शन ऑफिसर के 657 पद स्वीकृत हैं, इसके विरुद्ध 640 सेक्शन ऑफिसर ही कार्यरत हैं.
प्रमोशन के बाद भी पोस्टिंग नहीं मिलने की शिकायत
इसके अलावा सचिवालय सेवा संघ द्वारा प्रमोशन के बाद भी पोस्टिंग नहीं मिलने और जूनियर पदों पर काम करने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं.

