विनीत/सौरभ

रांची: कोयलांचल में आतंक का पर्याय बने गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके नेटवर्क के खिलाफ न्यूज़ वेव की खबर का बड़ा असर हुआ है. प्रिंस खान के गुर्गे राहुल राणा को पिस्टल का लाइसेंस दिए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब जांच के आदेश दे दिए हैं. इस खुलासे के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे और सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
प्रिंस खान गिरोह से जुड़े राहुल राणा को हथियार का लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़ी खबर न्यूज़ वेव’ ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी. हमने बुधवार को प्रिंस खान गिरोह के राहुल राणा को किस बड़े साहब की वजह से मिला पिस्टल का लाइसेंस, एक दिन में क्लियर हुई थी फाइल Shirshak से खबर प्रकाशित की थी. जिसके बाद अब प्रिंस खान गिरोह के राहुल राणा को पिस्टल का लाइसेंस और बॉडीगार्ड देने के मामले की जांच शुरू की जाएगी.
पुख्ता जानकारी के मुताबिक लाइसेंस और बॉडीगार्ड दिए जाने की प्रक्रिया में कई SP, DIG, IG और IAS रैंक के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी. इस जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं और अपराधियों को संरक्षण देने वाले कई सफेदपोश अधिकारी बेनकाब हो सकते हैं. क्योंकि पाकिस्तान में छिपकर बैठे अपराधी के सहयोगी को बॉडीगार्ड और पिस्टल का लाइसेंस दिए जाने के मामले ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल ये है कि राहुल राणा की मदद सिस्टम के भीतर बैठे किस सफेदपोश मददगारों ने की. जांच के दौरान इस बात की भी तफ्तीश की जाएगी कि प्रिंस खान के गुर्गों को सरकारी संरक्षण कौन दे रहा है।
