रांची: धनबाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों को परीक्षा से रोके जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया. अदालत ने झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेटीयू) द्वारा मान्य 60 छात्रों की वैधता को ही सही ठहराया.

नियमों से परे दोगुना नामांकन, कोर्ट ने माना अवैध
अदालत ने माना कि डीआईटी ने निर्धारित क्षमता से अधिक, यानी दोगुने छात्रों का नामांकन किया. संस्थान ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) का हवाला देते हुए 120 छात्रों का दाखिला लिया, जो नियमों के विरुद्ध पाया गया. जबकि जेटीयू ने केवल 60 छात्रों की ही अनुमति दी थी.
Also Read: रांची DC ऑफिस को फिर बम से उड़ाने की मिली धमकी, बम निरोधक दस्ता एक्टिव
60 छात्रों के ट्रांसफर का आदेश
कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगले सप्ताह दो दिनों का विशेष कैंप लगाकर 120 में से 60 सामान्य छात्रों का अन्य उपयुक्त संस्थानों में स्थानांतरण किया जाए, ताकि उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े.
वकीलों ने रखा पक्ष
मामले में जेटीयू की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा एवं अधिवक्ता आशुतोष आनंद ने पक्ष रखा.
