Ranchi: कुख्यात गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव की बहन मंजरी श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत याचिका झारखंड हाई कोर्ट से खारिज हो गई. हाई कोर्ट के न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय एवं न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है. इसके साथ ही अमन श्रीवास्तव की बहन मंजरी श्रीवास्तव पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है. मंजरी श्रीवास्तव ने अदालत में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने भाई अमन श्रीवास्तव के हवाला पैसों के लेनदेन में शामिल होकर संगठन के कामकाज में साठ-गांठ की. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की शुरुआती जांच में पता चला है कि अमन श्रीवास्तव ने रंगदारी में वसूले गए पैसे हवाला के जरिए अपने परिजनों के खाते में ट्रांसफर किया.
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हवाला के जरिए परिजनों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने का आरोप
जांच में ये बात सामने आई कि यह रकम भाई अभिक, बहन मंजरी और बहनोई चंद्र प्रकाश रानू के खातों में गई. दरअसल मंजरी जांच एजेंसियों के रडार पर तब आई जब एनआईए ने हवाला के 25 लाख रुपए के साथ गैंग के सदस्य विनोद और सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया था. तभी गिरफ्त में आये गुर्गों ने मंजरी श्रीवास्तव का नाम लिया था. इस मामले में मंजरी श्रीवास्तव ने हाई कोर्ट की शरण ली थी.
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