रांची: झारखंड सरकार ने राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार की सुरक्षा को हाईटेक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 571 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की खरीद और स्थापना के लिए 14.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति और आवंटन जारी कर दिया है. यह निर्णय अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल के स्तर से जारी स्वीकृत्यादेश के तहत लिया गया है. योजना के तहत कैमरों के साथ सभी सहायक उपकरण लगाए जाएंगे और उनके संचालन के लिए एक वर्ष तक तकनीकी ऑपरेटर और तकनीकी सुपरवाइजर की भी नियुक्ति की जाएगी.
जेल सुरक्षा में क्यों जरूरी यह कदम
होटवार जेल राज्य की सबसे बड़ी और संवेदनशील जेलों में शामिल है, जहां कई कुख्यात अपराधी और नक्सली बंद हैं. ऐसे में हर गतिविधि पर नजर रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है.अब 571 नए कैमरों के लगने से जेल परिसर के लगभग हर हिस्से की निगरानी संभव होगी.इससे कैदियों की गतिविधियों, संदिग्ध हलचलों और संभावित सुरक्षा चूक पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
पहले क्या थी स्थिति
अब तक जेलों में सीमित संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगे होते थे, जिनमें कई बार तकनीकी खराबी या निगरानी के अभाव में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ जाती थी.कई घटनाओं में यह भी सामने आया कि निगरानी के अभाव में जेल के अंदर आपराधिक गतिविधियां संचालित होती रहीं.
नया मॉडल: टेक्नोलॉजी और मैनपावर
इस योजना की खास बात यह है कि सिर्फ कैमरे ही नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि उनके सुचारू संचालन के लिए तकनीकी स्टाफ भी तैनात किया जाएगा. एक टेक्निकल ऑपरेटर और एक टेक्निकल सुपरवाइजर भी रखें जाएंगे. इससे कैमरों की मॉनिटरिंग 24×7 प्रभावी तरीके से हो सकेगी और खराबी आने पर तुरंत सुधार संभव होगा.
क्या होगा असर?
– जेल के अंदर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
– कैदियों के बीच होने वाली हिंसा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी
– जेल से संचालित अपराधों पर नियंत्रण मजबूत होगा
– सुरक्षा एजेंसियों को रियल टाइम निगरानी में मदद मिलेगी
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