सरायकेला: जिला के चांडिल वन क्षेत्र के जंगल बाना गांव से बामनी नदी पार कर रात करीब 9 बजे एक हाथी पितकी गांव की ओर बढ़ा. अचानक दिखने पर ग्रामीण फटाके-मशाल लेकर उसे खदेड़ने लगे. लोगों का कहना है कि एक तरफ हाथी का भय, दूसरी तरफ बिजली विभाग की शाम-रात की कटौती से गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे हाथी-झुंड कब भोजन की तलाश में बस्ती में घुस आए, अंदाजा नहीं रहता. अंधेरे में घरों और लोगों पर हमले का खतरा बढ़ जाता है, जान-माल की हानि की आशंका बनी रहती है.
ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि हाथी-बहुल क्षेत्रों में शाम-रात बिजली आपूर्ति न काटी जाए. साथ ही वे वन विभाग से नाराज हैं कि एलिफेंट ड्राइव टीम समय पर पहुंच कर हाथी को खदेड़-जंगल नहीं ले जाती, प्रतिक्रिया में देरी से दहशत और उपद्रव की आशंका बढ़ती है.
यह भी पढ़ें: चाईबासा में 15वी पदमाबाई रूंगटा शतरंज प्रतियोगिता शुरू, 155 खिलाड़ी मैदान में
