Ranchi: रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में 10 मार्च को 24 वर्षीय कमलेश महतो की निर्मम हत्या कर दी गई. घटना के 22 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों में आक्रोश है. परिवार का आरोप है कि पुलिस इस मामले में उदासीन रवैया अपना रही है.
दोस्तों पर शक, घर से बुलाकर ले जाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, 10 मार्च को कमलेश के मित्र गौर सिंह महतो और मिहिर महतो उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे. उस समय कमलेश की मां बीरो देवी और चाची संगीता देवी घर पर मौजूद थीं. इसके बाद अगले दिन गौर सिंह महतो वापस लौट आया, लेकिन कमलेश के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
अगले दिन मिला शव, चेहरे पर थे धारदार हथियार के निशान
11 मार्च को कमलेश महतो का शव अरहांगा स्थित चोपोबड़ा बाहा पुल के पास झरने के नजदीक बरामद हुआ. शव के चेहरे पर धारदार हथियार से हमले के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि हुई.
पुलिस पर ढिलाई का आरोप, संदिग्धों को छोड़ने की बात
परिजनों का आरोप है कि मुख्य संदिग्ध गौर महतो और मिहिर महतो से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ नहीं की और उन्हें 11 मार्च को ही छोड़ दिया. परिवार का कहना है कि दोनों आरोपित झूठी कहानी बनाकर मामले को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.
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मानवाधिकार संगठन से लगाई न्याय की गुहार
न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के राज्य प्रभारी राजेश सिंह से संपर्क किया है. इस पर राजेश सिंह ने मामले को लेकर झालसा सचिव को पत्र लिखने की बात कही है.
