रांचीः झारखंड के बाद अब असम विधानसभा चुनाव के मैदान में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्टार प्रचारक और विधायक कल्पना सोरेन का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है. चबूआ विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी भूपेन सिंह मुरारी के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन का आह्वान किया. उन्होंने दावा किया कि चबूआ की धरती पर इस बार बदलाव की गूंज साफ सुनाई दे रही है.
अधिकार और सम्मान की लड़ाई
कल्पना सोरेन ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि असम के लोगों के अधिकार, सम्मान और एक बेहतर भविष्य के निर्माण का है. उन्होंने चाय बागान के श्रमिकों, आदिवासी समाज और उन तमाम परिवारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जो दशकों से अपने बुनियादी हक से महरूम रहे हैं. जनसभा में उमड़े अपार जनसमर्थन और युवाओं के उत्साह को देखकर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, अब समय आ गया है अपनी आवाज बुलंद करने का इस बार तीर-धनुष के साथ बदलाव तय है.
झारखंड मॉडल की चर्चा
अपने संबोधन के दौरान कल्पना सोरेन ने असम के मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि जिस तरह झारखंड में जल-जंगल-जमीन और मूलवासियों की सरकार काम कर रही है, वैसी ही मजबूती अब असम में भी लाने की जरूरत है.
