Ranchi: रांची के सदर अस्पताल में आज ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने मानवता पर भरोसा और मजबूत कर दिया. सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के लिए आयोजित विशेष रक्तदान शिविर में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. इस शिविर में रिकॉर्ड 102 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, छात्र और अस्पताल के कर्मचारी—सभी ने एकजुट होकर रक्तदान किया और यह साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर समाज एक साथ खड़ा होता है. हर रक्तदाता का एक ही लक्ष्य था—किसी मासूम की जिंदगी बचाना.
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रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं : डॉ. रंजू सिन्हा
यह शिविर उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया, जिन्हें हर महीने खून की जरूरत होती है. इस पहल ने न सिर्फ उनकी जिंदगी को सहारा दिया, बल्कि समाज को भी एक मजबूत संदेश दिया कि रक्तदान ही सबसे बड़ा दान है. इस अवसर पर डॉ. रंजू सिन्हा ने कहा, “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, यह सीधे किसी की जिंदगी बचाता है.” वहीं उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने सभी रक्तदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार किए जाएंगे, ताकि किसी भी मरीज को खून की कमी से जूझना न पड़े.
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