Ravi Bharti
Ranchi: झारखंड की सत्ता के दो सबसे बड़े केंद्र प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस है. यहां अक्सर फाइलों की रफ्तार से ज्यादा वहां के साहबों के अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं. अगर आपको लगता है कि झारखंड का भविष्य फाइलों में कैद है, तो आप गलत हैं. असल में झारखंड का भविष्य प्रोजेक्ट भवन के लिफ्ट और नेपाल हाउस के कैंटीन के बीच टहल रहा है. ये दो इमारतें राज्य की वो प्रयोगशालाएं हैं, जहां ‘पब्लिक सर्विस को सेल्फ सर्विस और फाइलों को अमरता का वरदान दिया जाता है.
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प्रोजेक्ट भवन: जहां फाइलें योग निद्रा में जाती हैं
धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन का रसूख ही अलग है. यहां का कार्मिक’ विभाग वो तिलिस्म है, जहां घुसते ही आदमी की फाइल मिस्टर इंडिया हो जाती है. यहां फाइलें चलती नहीं हैं, रेंगती हैं. और अगर फाइल पर अरजेंट लिखा हो, तो उसे अति-आराम की श्रेणी में डाल दिया जाता है.
एक ही मूल मंत्र है, काम होगा, पर समय पर नहीं
भले ही सरकार ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस का ढोल पीट ले, लेकिन इन भवनों के बाबू आज भी कागज की गंध और फाइलों के ढेर के बिना खुद को अधूरा महसूस करते हैं. जब तक फाइल पर धूल की एक परत और चाय का एक दाग न लगे, तब तक विभाग को लगता ही नहीं कि काम हुआ है. यहां काम की गति इस बात पर निर्भर नहीं करती कि जनता को कितनी जरूरत है, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि बाबू की कुर्सी के नीचे का पहिया कितना ग्रीस हुआ है. प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस महज ईंट-गारे की इमारतें नहीं हैं, ये धैर्य की परीक्षा लेने वाले केंद्र हैं. यहां आने वाला फरियादी चाहे तो धैर्य में पीएचडी कर सकता है. यहां की व्यवस्था का एक ही मूल मंत्र है, काम होगा, पर समय पर नहीं, क्योंकि समय तो साहब का है.
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नेपाल हाउस: लंच ब्रेक जो कभी खत्म नहीं होता
डोरंडा का नेपाल हाउस अपनी पुरानी इमारतों और उससे भी पुरानी कार्यशैली के लिए मशहूर है. यहां लंच टाइम एक ऐसा संवैधानिक अधिकार है, जिसकी शुरुआत तो पता होती है, पर अंत का उल्लेख किसी नियमावली में नहीं है.
प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस में समय की नियमावली है फिक्स
• दोपहर डेढ़ बजे : कैंटीन की तरफ कूच.
• दोपहर ढ़ाई बजे : चाय पर राज्य और देश की राजनीति पर गहन मंथन
• अपराह्न साढ़े तीन बजे : पान की पीक के साथ फाइल पर वापस आने की कोशिश.
• शाम साढ़े चार बजे : कल आना के जुमले के साथ घर जाने की तैयारी. डिजिटल इंडिया वर्सेस बाबू मानसिकता
ये हैं प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस सचिवालय के अफसरी कार्यशैली के जुमले
• जुमला नंबर वनः फाइल प्रोसेस में है मतलब फाइल अभी मिली ही नहीं है.
• जुमला नंबर टूः साहब मीटिंग में हैं मतलब साहब अंदर आराम कर रहे हैं.
• जुमला नंबर थ्रीः अगले सप्ताह आइए, मतलब कृपया अगले हफ्ते तक परेशान न करें.
• जुमला नंबर फोरः कार्मिक से रिपोर्ट आनी है, मतलब मामला अब ठंढ़े बस्ते में है.
