Pakur: जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित दामिन डाक बंगला आज बदहाली की मार झेल रहा है. जिस उद्देश्य से इस भवन का निर्माण कराया गया था, वह अब पूरी तरह से अधूरा साबित हो रहा है. लंबे समय से उपयोग में नहीं आने और नियमित देखरेख के अभाव में यह भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है.
देखरेख के अभाव में जर्जर हुआ भवन
भवन के दरवाजे और खिड़कियां टूटने लगी हैं. परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. रखरखाव के अभाव में दिन-ब-दिन इसकी स्थिति और खराब होती जा रही है.
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असामाजिक तत्वों का बनता जा रहा अड्डा
स्थानीय लोगों के अनुसार, करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस भवन का सही तरीके से उपयोग नहीं होने के कारण अब यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है. यहां संदिग्ध गतिविधियों की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे आसपास के लोगों में डर और असंतोष का माहौल है.
स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता
ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर देखभाल और उपयोग सुनिश्चित किया जाता, तो यह भवन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता था. लेकिन लापरवाही के कारण आज यह अपनी उपयोगिता खो चुका है.
प्रशासन से मरम्मत और संचालन की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दामिन डाक बंगला की जल्द से जल्द साफ-सफाई कराई जाए, आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया जाए और इसे उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप फिर से संचालित किया जाए.
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेता है और करोड़ों की लागत से बने इस भवन को फिर से उपयोग में लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है.
