Ranchi: राजधानी रांची में मानवता को शर्मसार होने से बचाने और लावारिस शवों को सम्मानजनक विदाई देने का सिलसिला आज भी जारी रहा. रविवार को मुक्ति संस्था के सदस्यों ने एक बार फिर सेवा भाव का परिचय देते हुए 24 अज्ञात शवों का जुमार नदी के तट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया.
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हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार तैयार की गई चिता
संस्था के सदस्यों ने सबसे पहले रिम्स के मोर्चरी (शव गृह) पहुंचकर वहां रखे अज्ञात शवों को निकाला. सभी शवों को उचित सम्मान के साथ पैक किया गया और वाहन के जरिए जुमार नदी के तट पर ले जाया गया. घाट पर पहुंचने के बाद, हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार चिता तैयार की गई.
माहौल काफी गमगीन रहा
संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने स्वयं आगे बढ़कर इन अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी. इस दौरान माहौल काफी गमगीन रहा. दाह संस्कार के पश्चात, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए परमजीत सिंह टिंकू द्वारा ‘अंतिम अरदास’ पढ़ी गई.



