Click Here
Click Here
Click Here

HC का बड़ा फैसला: प्रमोशन के लिए सिर्फ विज्ञापन पर्याप्त नहीं, कर्मचारियों को सीधा सूचित करना सरकार की जिम्मेदारी

विनीत आभा उपाध्याय रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि पदोन्नति जैसी व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण सूचनाओं...

विनीत आभा उपाध्याय

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि पदोन्नति जैसी व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए केवल सार्वजनिक विज्ञापन देना पर्याप्त नहीं है. विभागों को अपने कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना अनिवार्य है.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

कर्मचारी की याचिका से उठा मामला

यह मामला झारखंड सरकार के कर्मचारी विक्रम मंडल से जुड़ा है, जिन्होंने समय पर पदोन्नति न मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था. विभाग की ओर से यह दलील दी गई कि पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था और आवेदन न करना कर्मचारी की गलती है.

कोर्ट ने खारिज किया विभाग का तर्क

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संबंध विश्वास और सीधे संवाद पर आधारित होता है. पदोन्नति किसी भी कर्मचारी के करियर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में विभाग यह मानकर नहीं चल सकता कि हर कर्मचारी प्रतिदिन अखबारों के विज्ञापन देख रहा होगा.

ALSO READ: मानवता की मिसाल: रांची की मुक्ति संस्था ने 24 लावारिस शवों का किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

व्यक्तिगत सूचना देना अनिवार्य, प्रशासनिक विफलता करार

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक विज्ञापन बाहरी नियुक्तियों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं, लेकिन जो कर्मचारी पहले से सेवा में हैं, उन्हें उनके अधिकारों के बारे में व्यक्तिगत रूप से या आधिकारिक माध्यमों से सूचित किया जाना चाहिए. अदालत ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया कि विभाग ने अपने ही उपलब्ध डेटा का उपयोग कर योग्य कर्मचारियों को सूचित करने का प्रयास नहीं किया. इस फैसले को कर्मचारी हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *