रामगढ़: जिला पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए राहुल दुबे गिरोह के सात सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये अपराधी पतरातू स्थित MGCPL कंपनी के ओवरब्रिज निर्माण कार्य को रोकने और दहशत फैलाकर लेवी वसूलने के लिए दोबारा फायरिंग करने की फिराक में थे. एसपी अजय कुमार को सूचना मिली थी कि 29 मार्च को हुई फायरिंग की घटना के बाद भी कंपनी ने बिना मैनेज किए काम दोबारा शुरू कर दिया है. इससे नाराज होकर राहुल दुबे गैंग के सदस्य रेकी कर रहे हैं और किसी भी वक्त बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.
चेकिंग के दौरान फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी:
पतरातू रेलवे ओवरब्रिज के पास जब पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी भुरकुंडा की ओर से आ रही एक आई 20 कार और एक मोटरसाइकिल ने पुलिस को देख भागने की कोशिश की. मोटरसाइकिल सवार दो अपराधी भागने में सफल रहे, लेकिन कार पीछे करने के दौरान लोहे के गार्डर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई. पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार तीन दौरान युवकों को पकड़ लिया. इस तुषार सिंह (20 वर्ष, हजारीबाग) इसके पास से लोडेड देशी रिवाल्वर और कारतूस मिले, मिथुन कुमार (28 वर्ष, हजारीबाग) और अमन अंसारी (18 वर्ष, रामगढ़) को पकड़ा गया. इसकी निशानदेही पर बाद में एक देशी पिस्टल और कारतूस बरामद हुए.
राहुल दुबे (मामा) जंगी ऐप से दे रहा था निर्देश:
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना राहुल दुबे उर्फ मामा जंगी ऐप के जरिए जेल या बाहर से निर्देश दे रहा था. अपराधियों को कोड वर्ड के जरिए मोटरसाइकिल सवारों से मिलकर घटना को अंजाम देने के लिए भेजा गया था. पकड़े गए तुषार सिंह ने बताया कि उसने रांची से सेल्फ ड्राइव पर कार किराए पर ली थी. पकड़े गए अपराधियों के बयान के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर गैंग के चार अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जिनमें कुणाल सिंह उर्फ शिवम सिंह, बादल सिंह उर्फ कुणाल, सुमित पाण्डेय और सन्नी बेदिया को पकड़ा गया. गिरफ्तार मिथुन कुमार ने स्वीकार किया कि इसी गैंग ने होली से पहले तीन मार्च को कुज्जू क्षेत्र के सांडी में रवि शर्मा के घर पर भी लेवी के लिए फायरिंग की थी.
