Chatra: जिले में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हवाला देकर स्थानीय स्तर पर गैस की किल्लत की बात कही जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है.
कालाबाजारी के आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालकों और कर्मियों की मिलीभगत से गैस सिलेंडरों की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है. शहर और आसपास के इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 2500 से 3000 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं.
बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रही डिलीवरी
आरोप है कि बुकिंग कराने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही, जबकि मोबाइल पर कंपनी द्वारा डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है. इससे उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
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कार वालों को प्राथमिकता
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक से आने वाले ग्राहकों को नजरअंदाज कर कार से पहुंचने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है. कुछ मामलों में कथित तौर पर गुप्त स्थानों से ऊंचे दाम पर सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और डिलीवरी के बाद कार की डिक्की में छिपाकर ले जाने जैसी शर्तें भी सामने आ रही हैं.
होटलों में खप रहे सिलेंडर
आरोप है कि गैस सिलेंडरों को अधिकृत गोदाम के बजाय निजी स्थानों पर स्टॉक कर कृत्रिम कमी बनाई जा रही है. बड़े होटल और रेस्तरां में ब्लैक में सिलेंडर खपाए जा रहे हैं, जिससे छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
प्रशासन ने कमी से किया इनकार
जिला प्रशासन ने गैस की किसी भी कमी से इनकार किया है. उपायुक्त कीर्ति श्री जी और पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उपभोक्ताओं को राहत का इंतजार
फिलहाल उपभोक्ता प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. दूसरी ओर एजेंसी संचालक गैस शॉर्टेज का हवाला दे रहे हैं और कह रहे हैं कि कंपनी से जितनी आपूर्ति मिल रही है, उसी के अनुसार वितरण किया जा रहा है.
