रामगढ: जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में आज सोमवार को स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. पीटीपीएस (पतरातू थर्मल पावर स्टेशन) की अधिग्रहित भूमि पर बने सरकारी आवासों को खाली कराने की प्रशासनिक तैयारी की खबर फैलते ही स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे सड़कों पर उतर आए हैं और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.
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विवाद की जड़,पीटीपीएस से जियाडा तक का सफर
मामला दशकों पुराने पीटीपीएस पावर प्लांट की जमीन से जुड़ा है. पावर प्लांट के बंद होने के बाद, राज्य सरकार ने इस बहुमूल्य भूमि को झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) को हस्तांतरित कर दिया था.जियाडा ने अब इस जमीन को विभिन्न निजी कंपनियों को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए आवंटित कर दिया है. इसी आवंटन के बाद, वर्तमान में वहां रह रहे लोगों से आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
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पटेल चौक बना आंदोलन का केंद्र
सोमवार सुबह से ही लोग पटेल चौक पर जुटना शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी है और साफ चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपने घरों को खाली नहीं करेंग. कॉलोनी वासियों का दावा है कि इस मामले में कोर्ट ने वर्तमान स्थिति पर रोक लगा दी है, इसलिए प्रशासन की कार्रवाई अवैध है. लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे हैं और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेघर करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे.
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प्रशासनिक रुख और सुरक्षा व्यवस्था
दूसरी ओर, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि उन्हें फिलहाल कोर्ट की ओर से किसी भी तरह की रोक का आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है.जियाडा को जमीन सौंपने और औद्योगिक विकास के लिए संपदा को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है.
क्षेत्र में बढ़ते जनाक्रोश और तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की तैयारी है.
