गिरिडीह : झामुमो जिला कार्यालय में मनाई गई अमर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती, वीर सपूतों के बलिदान को किया गया नमन

Giridih: गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में हूल क्रांति के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती श्रद्धा और...

Giridih: गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में हूल क्रांति के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो के नगर अध्यक्ष राकेश सिंह रॉकी ने की. इस अवसर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महान स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष राकेश सिंह रॉकी ने कहा कि सिदो-कान्हू केवल नाम नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष का प्रतीक हैं. उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जो बिगुल फूंका, वह आज भी हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है. झामुमो नेता ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

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हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय

वहीं कोलेश्वर सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी थी. सिदो-कान्हू का बलिदान हमें अपने अधिकारों और अस्मिता के लिए संघर्ष करने की सीख देता है. उन्होंने युवाओं से इस गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने का आह्वान किया. वहीं, प्रधान मुर्मू ने कहा कि शोषणमुक्त समाज का सपना ही सिदो-कान्हू की सबसे बड़ी विरासत है. इसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि झामुमो आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी रहेगा. इस मौके पर अभय सिंह, दिलीप रजक, मो. जाकिर, अनवर अंसारी, राकेश रंजन, अनुभव सिंह, वकील चौड़े, संजय वर्मा, तेजो मंडल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. कार्यक्रम के उपरांत सिहोडीह निवासी प्रमोद स्वर्णकार, मोहन स्वर्णकार और विनोद स्वर्णकार ने झामुमो की नीतियों में आस्था जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

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