गिरिडीह: गिरिडीह प्रखंड अंतर्गत बदगुंदा पंचायत के शादिग्वारो गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गांव की निवासी श्रीमती बड़की देवी (पति – तुड़ा टुडू) के निर्माणाधीन “अबुआ आवास” को कथित रूप से वन विभाग के कर्मियों द्वारा तोड़ दिए जाने का आरोप लगा है. पीड़ित परिवार का कहना है कि विभागीय कर्मियों ने ₹30,000 की अवैध मांग की थी और मांग पूरी नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई.
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है. मामले की गंभीरता को देखते हुए झामुमो गिरिडीह जिला समिति ने सात सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया. कमिटी ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा कर पूरे मामले की जांच की और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर विस्तृत जानकारी ली. साथ ही आसपास के ग्रामीणों से भी बातचीत कर घटना की सच्चाई जानने का प्रयास किया गया.
कमिटी के सदस्यों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही जिला समिति को सौंपा जाएगा. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
जांच कमिटी के सदस्य
नुनुराम किस्कू, कोलेश्वर सोरेन, दिलीप रजक, प्रधान मुर्मू, अनवर अंसारी, विनोद सोरेन एवं लेखो मंडल.
इस घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है
