बोकारो पुलिस पर विधायक का तंज, बोली अपराधी पुलिस का मामा लगता है या फूफा?

रांची/बोकारो: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बोकारो की राजनीति में उबाल आ गया है. बोकारो विधायक ने जिले की पुलिस...

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रांची/बोकारो: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बोकारो की राजनीति में उबाल आ गया है. बोकारो विधायक ने जिले की पुलिस कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए बेहद तीखे शब्दों का प्रयोग किया है.चास नगर निगम क्षेत्र में पूर्व पार्षद की पिटाई के मामले से शुरू हुआ यह विवाद अब मामा-फूफा और दामाद जैसे तंज तक जा पहुंचा.

क्या है पूरा विवाद?:

मामला 23 फरवरी को चास नगर निगम क्षेत्र में मतदान के दौरान हुई एक घटना से जुड़ा है. आरोप है कि पुलिस ने पूर्व वार्ड पार्षद रामाशंकर सिंह और उनकी पत्नी रेखा देवी के साथ बदसलूकी और मारपीट की. इस घटना के बाद से ही स्थानीय विधायक पुलिस प्रशासन के खिलाफ हमलावर हैं. विधानसभा के अंदर इस मुद्दे को उठाने के बाद, विधायक श्वेता सिंह ने बाहर मीडिया से बात करते हुए पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए.

मामा या फूफा,विधायक का तीखा तंज:

मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए पुलिस को घेरा. उन्होंने बिना नाम लिए एक हत्यारोपी की गिरफ्तारी की ओर इशारा करते हुए कहा, कुछ दिन पहले जब एक अपराधी को पकड़ा गया था, तो पुलिस उसे दामाद बनाकर पेश कर रही थी. मैं एसपी से पूछना चाहती हूं, कि वह अपराधी पुलिस का क्या लगता था मामा या फूफा? विधायक का इशारा पुलिस द्वारा अपराधियों को दी जाने वाली कथित वीआईपी ट्रीटमेंट की ओर था. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां आम नागरिकों और जन प्रतिनिधियों के साथ पुलिस बर्बरता कर रही है, वहीं पेशेवर अपराधियों के साथ उसका रवैया बेहद नरम है.

अब कोर्ट की दहलीज पर मामला:

विधायक ने साफ कर दिया है कि वह केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेंगी. उन्होंने ऐलान किया है कि वह इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, मैं अब चुप नहीं बैठने वाली. सीधे कोर्ट जा रही हूं. जब पुलिस वालों को अदालत में घसीटूंगी, तब उन्हें समझ में आएगा कि कानून क्या होता है.जनता के प्रतिनिधियों पर हाथ उठाने का अंजाम भुगतना होगा.

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