रांची: झारखंड के स्थानीय लोकतंत्र के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. राज्य के 48 नगर निकायों में हुए चुनाव के लिए आज सुबह 8 बजे से मतों की गिनती शुरू हो गई है. इस दौरान 2500 से अधिक उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला होगा.
इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक और दिलचस्प रहा है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे गैर-दलीय आधार पर आयोजित किया था.भले ही आधिकारिक तौर पर कोई भी उम्मीदवार किसी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर मैदान में नहीं था, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही रही. राज्य की प्रमुख पार्टियों भाजपा, झामुमो, और कांग्रेस ने अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और समर्थित उम्मीदवारों के लिए पूरी ताकत झोंकी. कई वार्डों में मुकाबला निर्दलीयों के बीच न होकर, सीधे तौर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के समर्थित गुटों के बीच देखा गया. सबसे पहले वार्ड पार्षद के लिए पड़े वोटों की गणना होगी, उसके बाद महापौर या अध्यक्ष पद के लिए पड़े वाेटों की गणना होगी. ऐसे में पहले दिन वार्ड पार्षदों के चुनाव का ही नतीजा आने की संभावना है. अगले दिन रांची नगर निगम सहित नौ नगर निगमों का महापौर, 19 नगर परिषद और 20 नगर पंचायत में अध्यक्ष चुनाव का परिणाम आ सकता है.

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रांची में कम मतदान ने बढ़ाई उम्मीदवारों की धड़कन:
राजधानी रांची नगर निगम का मुकाबला सबसे अधिक चर्चा में है, हालांकि, यहां मतदान के आंकड़ों ने थोड़ा निराश किया है. रांची में पूरे राज्य में सबसे कम 43.43% वोटिंग दर्ज की गई. मेयर और वार्ड पार्षदों के पदों के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों की लंबी फौज मैदान में थी. कम मतदान प्रतिशत के कारण अब जीत-हार का अंतर काफी कम रहने की उम्मीद है, जिससे कांटे की टक्कर होने की संभावना बढ़ गई है.

