Ranchi: झारखंड के आसमान में बादलों की खतरनाक घेराबंदी शुरू हो चुकी है. अगले तीन दिनों तक राज्य के बड़े हिस्से में प्रकृति का प्रचंड रूप देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कहीं धूल भरी आंधी चलेगी, तो कहीं आसमानी बिजली जान-माल पर भारी पड़ सकती है. अगर आप घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं, क्योंकि मौसम का मिजाज अब बेहद आक्रामक होने वाला है.
आगामी 3 दिनों का खतरनाक पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 13 मई को उत्तर-पश्चिमी हिस्से को छोड़कर पूरे राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है. 14 मई को यह असर पूर्वी और मध्य झारखंड में दिखेगा. 15 मई को संताल परगना के जिलों गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा समेत गिरिडीह और धनबाद में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी. वहीं रांची, खूंटी, बोकारो और कोल्हान के जिलों में 40-50 किमी की रफ्तार से झोंके आने की संभावना है.

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क्यों बदला मौसम
इस उथल-पुथल की मुख्य वजह एक ईस्ट-वेस्ट ट्रफ है, जो दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण बिहार, बंगाल और असम तक फैली हुई है. पिछले 24 घंटों की बात करें तो राज्य में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा 52.0 मिमी बारिश पाकुड़ के अमरापाड़ा में हुई. मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) 41.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, तो दूसरी तरफ बारिश के चलते रांची के नामकुम में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि वज्रपात के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें.
