रांची: चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के पूरा होने में अब सिर्फ 30 दिन ही बचे हैं. ऐसे में चालू वित्तीय वर्ष के बजट का आज की तारीख में 56.98 फीसदी ही राशि खर्च हो पाई है. शेष 30 दिनों के अंदर 43 फीसदी राशि खर्च करना सरकार के लिए चुनौती बन गई है.
चालू वित्तीय वर्ष का बजट एक लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपए का है. चालू वित्तीय वर्ष के बजट में केंद्रीय योजना की राशि का 33.79 फीसदी खर्च हो पाया है.
जबकि राज्य योजना मद की राशि का 60.31 फीसदी ही खर्च हो पाया है. अब तक केंद्रीय योजना में 5472.47 करोड़ और राज्य योजना मद में 80752.82 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं.
JPSC की सुस्त चाल
जेपीएससी के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 47.01 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है. इसमें से सिर्फ 18.95 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं. वहीं उत्पाद विभाग ने 69.12 करोड़ में से 32.68 करोड़ ही खर्च किए हैं. कृषि विभाग को अभी भी 1009.85 करोड़ रुपए खर्च करने हैं. पशुपालन विभाग में भी आधी राशि खर्च नहीं हो पाई है.
जानिए अब तक किस विभाग ने कितनी राशि खर्च की है
विभाग — कुल बजट (करोड़ में) — खर्च (करोड़ में)
• कृषि — 1963.44 — 1009.85
• पशुपालन — 580.60 — 263.36
• भवन निर्माण — 676.61 — 513.87
• उत्पाद — 69.12 — 32.68
• खाद्य आपूर्ति — 1886.14 — 1099.51
• वन पर्यावरण — 1990.42 — 1442.72
• स्वास्थ्य — 5437.25 — 3912.20
• उच्च शिक्षा — 1732.27 — 1172.35
• गृह विभाग — 8535.44 — 6992.59
• उद्योग — 571.57 — 256.06
• कार्मिक — 101.30 — 66.73
• जेपीएससी — 47.01 — 18.95
• पेयजल — 3841.66 — 1034.57
• आपदा प्रबंधन — 530.11 — 225.74
• भू-राजस्व — 856.61 — 591.45
• पथ निर्माण — 5221.38 — 3367.33
• ग्रामीण विकास — 6641.86 — 3374.60
• पर्यटन — 180.39 — 83.16
• परिवहन — 162.03 — 39.38
• नगर विकास — 2308.14 — 1064.67
• जल संसाधन — 1937.19 — 1692.46
• अल्पसंख्यक कल्याण — 2116.95 — 1078.37
• ग्रामीण कार्य — 5772.72 — 3955.58
• पंचायती राज — 1427.45 — 472.20
• प्राथमिक शिक्षा — 8641.04 — 5676.78
• महिला बाल विकास — 22138.90 — 18198.17
• ऊर्जा विभाग — 10480.47 — 6513.33
