Click Here

गढ़वा: एक लाख की सुपारी देकर कराई गई हत्या, जमीन विवाद में ली गई जान

गढ़वा: जिला पुलिस ने बिजका साप्ताहिक बाजार में हुए चर्चित दीपक चौधरी हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने इस मामले...

गढ़वा: जिला पुलिस ने बिजका साप्ताहिक बाजार में हुए चर्चित दीपक चौधरी हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो शूटरों समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इनमें विजय सिंह (शूटर), जेठु सिंह और बजरंगी चौधरी शामिल हैं.

जमीन विवाद बना हत्या की वजह

हत्या की इस वारदात के पीछे मुख्य कारण पांच एकड़ जमीन का पुराना विवाद और कब्जे की नीयत बताई जा रही है. बीते 25 फरवरी 2026 को बिजका बाजार में फकिराडीह निवासी सब्जी विक्रेता दीपक चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस संबंध में मृतक के भाई राकेश चौधरी के बयान पर भंडरिया थाना में मामला दर्ज किया गया था.

Also Read: बड़ी चुनौतीः 30 दिन बाकी, बजट की 43% राशि खर्च नहीं, JPSC की सुस्त चाल, 47 करोड़ में बजट में सिर्फ 19 करोड़ खर्च

विशेष टीम का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था. जांच में यह बात सामने आई कि मृतक दीपक चौधरी और मुख्य अभियुक्त सूर्यदेव चौधरी के बीच लगभग पांच एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था.

बिना बंटवारे खरीदी गई जमीन

सूर्यदेव चौधरी ने बिना बंटवारे के ही मृतक के गोतिया से जमीन खरीदी थी, जिस पर वह कब्जा करना चाहता था. वहीं दीपक और उसके पिता इस जमीन पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं थे.

Also Read: 8 साल के बाद जेल से बाहर निकलते ही धनबाद की सियासत के किंग बने संजीव सिंह

एक लाख में तय हुआ सौदा

जमीन के रास्ते से दीपक को हटाने के लिए सूर्यदेव चौधरी ने शूटरों से एक लाख रुपये में हत्या का सौदा किया. योजना के अनुसार शूटरों को बाजार में मौका पाकर हत्या करने का निर्देश दिया गया था.

दिनभर की गई रेकी, शाम को वारदात

घटना वाले दिन अभियुक्त सूर्यदेव चौधरी और बजरंगी चौधरी ने शूटरों के साथ मिलकर दिन भर दीपक की रेकी की. शाम को जब बाजार समाप्त हो रहा था और दीपक अपना सामान समेट रहा था, तभी शूटरों ने भरठुआ बंदूक से तीन छर्रे मारकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए.

मोबाइल से किया गया भुगतान

हत्या के बाद सूर्यदेव चौधरी ने शूटर विजय सिंह को बीस हजार रुपये मोबाइल के माध्यम से भुगतान भी किया था.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *