Palamu: जिले के छत्तरपुर अनुमंडल में नए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के रूप में डीएसपी प्रशांत कुमार ने आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है. प्रशांत कुमार जेपीएससी सातवीं बैच के डीएसपी हैं और इससे पहले वे हजारीबाग जिले में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे. अपनी ट्रेनिंग अवधि के दौरान ही उन्होंने अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी की अमिट छाप छोड़ी है.

प्रशिक्षण अवधि में दिखाया बेहतर कार्य प्रदर्शन
हजारीबाग में परिवीक्षाधीन (प्रोबेशन) अवधि के दौरान उन्होंने लोहसिंघना थाना क्षेत्र से सात दिनों से लापता एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा था. इसके अलावा एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को देह व्यापार के दलदल से सुरक्षित बाहर निकालने और इलाके में सक्रिय जुआ व नशे के कारोबारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के लिए प्रशांत कुमार विशेष रूप से जाने जाते रहे हैं.
गौरवशाली रहा शैक्षणिक और सामाजिक सफर
मूल रूप से चतरा जिले के गिद्धौर निवासी प्रशांत कुमार एक सम्मानित परिवार से आते हैं. वे राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. देवचरण दांगी के पुत्र हैं. पिता की तरह प्रशांत कुमार का सफर भी उपलब्धियों से भरा रहा है.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान
उन्हें वर्ष 2016 में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा ‘राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सम्मान’ से नवाजा जा चुका है. इसके बाद वर्ष 2017 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा उन्हें ‘राष्ट्रीय विसाका सम्मान’ भी प्रदान किया गया था. प्रशांत कुमार ने वर्ष 2017 में दक्षिण कोरिया गए भारतीय युवा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का मान बढ़ाया है.
कानून व्यवस्था को बताया पहली प्राथमिकता
पदभार ग्रहण करने के बाद नए एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना और अपराधियों पर नकेल कसना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, ताकि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े और क्षेत्र में शांति का माहौल बना रहे.
