Chaibasa: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को चक्रधरपुर नगर परिषद में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने की. मौके पर नगर परिषद उपाध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी, सभी वार्डों के वार्ड पार्षद तथा नगर परिषद के कर्मचारी उपस्थित रहे. बैठक में झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति पर चर्चा की गई. विशेष रूप से घर-घर कचरा पृथक्करण (सोर्स सेग्रिगेशन), कचरा प्रबंधन और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. बैठक में जानकारी दी गई कि सोर्स सेग्रिगेशन को प्रभावी बनाने के लिए नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन—नीला, हरा, पीला और लाल वितरित किए जाएंगे. इन डस्टबिनों के माध्यम से सूखा, गीला, पुनर्चक्रण योग्य तथा विशेष श्रेणी के कचरे का अलग-अलग संग्रहण किया जाएगा, जिससे कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और वैज्ञानिक बन सके.
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स्वच्छ शहर के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण
कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकारी देते हुए बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं सरकार के निर्देशों के अनुरूप वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में सोर्स सेग्रिगेशन शिक्षा अभियान का प्रमुख संचालक बनाया गया है. वार्ड पार्षदों की जिम्मेदारी होगी कि वे नागरिकों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रति जागरूक करें. नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता अभियान का सक्रिय भागीदार बन सके.
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