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हजारीबाग: वर्दी का दम, जज्बे का सम्मान: थाना प्रभारी को मिला आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक

Hazaribagh: कर्तव्यनिष्ठा, साहस और उत्कृष्ट पुलिसिंग का परिचय देने वाले बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए...

Hazaribagh: कर्तव्यनिष्ठा, साहस और उत्कृष्ट पुलिसिंग का परिचय देने वाले बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक-2022 से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उनके द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की स्वीकृति के रूप में प्रदान किया गया है. दीपक कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान अपराध और तस्करी के खिलाफ जिस दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ अभियान चलाया, उसने उन्हें आम लोगों के बीच एक अलग पहचान दिलाई. विशेष रूप से चौपारण थाना में पदस्थापन के दौरान उन्होंने अपराधियों और तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए महज कुछ महीनों में 130 से अधिक अपराधियों एवं तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा. उनकी इस सक्रियता से क्षेत्र में संचालित कई संगठित आपराधिक गिरोहों की कमर टूट गई और अपराधियों में कानून का भय स्थापित हुआ.

तस्करी के खिलाफ चला निर्णायक अभियान

चौपारण क्षेत्र लंबे समय से विभिन्न प्रकार की अवैध गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है. ऐसे में दीपक कुमार सिंह ने गौ तस्करी, ऊंट तस्करी, अफीम की अवैध खेती एवं कारोबार तथा अवैध शराब के धंधे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया. उनकी अगुवाई में पुलिस टीम ने कई बड़े नेटवर्क का खुलासा किया और तस्करी में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया. उनकी कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपराध के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए गए. परिणामस्वरूप क्षेत्र में अपराध की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई और आम नागरिकों ने खुद को अधिक सुरक्षित महसूस किया.

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निष्पक्षता और निर्भीकता बनी पहचान

दीपक कुमार सिंह की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निष्पक्षता और निर्भीकता रही है. उन्होंने बिना किसी दबाव या प्रभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई को प्राथमिकता दी. यही कारण रहा कि जहां अपराधियों के बीच उनका नाम खौफ का पर्याय बना, वहीं आम जनता के बीच वे भरोसे और न्याय के प्रतीक के रूप में उभरे. क्षेत्र के लोगों ने उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्हें लोकप्रिय रूप से “सिंघम” की उपाधि दी. यह उपनाम केवल उनकी सख्त कार्रवाई का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के बीच उनके प्रति बने विश्वास और सम्मान को भी दर्शाता है.

पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण

आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. दीपक कुमार सिंह को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि हजारीबाग पुलिस और पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा, कि ऐसे अधिकारी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और साहस के बल पर कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है.

वर्दी की असली पहचान

दीपक कुमार सिंह की यह उपलब्धि उस जज्बे, समर्पण और साहस का सम्मान है जो वर्दी को उसकी वास्तविक पहचान दिलाता है. अपराध और तस्करी के खिलाफ उनकी लगातार लड़ाई तथा जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाले समय में भी पुलिस सेवा के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी. उनके सम्मानित होने से न केवल पुलिस महकमे का मनोबल बढ़ा है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी और मजबूत हुआ है कि कानून के रक्षक पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं.

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